Monday, February 28, 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का वित्तीय वर्ष 2011-12 का बजट भाषण


माननीय अध्यक्ष महोदय,

    इस शताब्दी के नए दशक का पहला बजट सदन में प्रस्तुत करते हुए मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ । इस अवसर पर मैं प्रदेश की जनता की  ''सादगी के साथ सेवा'' के अपनी सरकार के संकल्प को पुन: रेखांकित करना चाहता हूँ । पिछले वर्ष सदन में मैंने यह उल्लेख किया था कि हमारी सरकार द्वारा प्रदेश के मानव संसाधन तथा सामाजिक - आर्थिक विकास एवं अधोसंरचना विकास के लिए जो रणनीति अपनाई गई, उनके उत्साहजनक नतीजे रहे हैं । हमारी सरकार द्वारा अपनाई गई रणनीति का ही यह नतीजा है कि पिछले वर्ष राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में वृध्दि की दर पूरे देश में सर्वाधिक रही है । प्रदेश की यह उपलब्धि सभी के सहयोग से ही संभव हो सकी है । हमारा संकल्प है कि आने वाले कुछ ही वर्षो में छत्तीसगढ़ देश के सिरमौर राज्यों में से एक हो ।

2.    अध्यक्ष महोदय, हमने यह बजट प्रदेश के किसान, गरीब, कामगार तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों को केन्द्र में रखकर तैयार किया है तथा इस बजट में सर्वाधिक प्रावधान इन वर्गो के समन्वित विकास के उद्देश्य से कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास हेतु किया   है । इसके अलावा मूलभूत अधोसंरचना में सुधार के लिए सड़कों के निर्माण को भी उच्च प्राथमिकता दी गई है ।

आर्थिक स्थिति


3.     अब मैं राज्य की आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालना चाहॅूंगा । वर्ष 2009-10 के लिये 2004-05 के स्थिर भावों पर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का आंकलन 76,078 करोड़ रहा, जो कि वर्ष 2008-09 के 67,972 करोड़ की तुलना में 11.93 प्रतिशत अधिक है ।

3.1    वर्ष 2010-11 में अग्रिम अनुमानों के अनुसार वर्ष 2004-05 स्थिर भावों पर सकल घरेलू उत्पाद 84,880 करोड़ रहने की संभावना है, जो वर्ष 2009-10 के सकल घरेलू उत्पाद की तुलना में 11.57 प्रतिशत की वृध्दि दर्शाता है । वर्ष 2010-11 में प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्रों में 2004-05 के स्थिर भावों पर वृध्दि दर क्रमश: 4.08, 14.87 एवं 13.75 प्रतिशत रहने की संभावना है ।

3.2    अग्रिम अनुमानों के अनुसार वर्ष 2010-11 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 44,097 होने की संभावना है, जो कि वर्ष 2009-10 की प्रति व्यक्ति आय 38,059 रूपये की तुलना में 15.86 प्रतिशत अधिक है ।

कृषि


4.    माननीय अध्यक्ष महोदय, हमारे कृषि प्रधान राज्य में कृषि एवं इससे संबध्द गतिविधियां प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करती हैं । राज्य के विकास में प्रदेश के लगभग 33 लाख कृषकों का महत्वपूण्र् ा योगदान है । हमारी सरकार इन कृषकों के समग्र विकास के लिए दृढ़-संकल्पित है। कृषि विभाग के लिए चालू वर्ष के प्रावधान में लगभग 44 प्रतिशत की वृध्दि करते हुए बजट में 985 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

4.1    स्प्रिंकलर सिंचाई योजना अंतर्गत ड्रिप सिंचाई मद में केन्द्र सरकार द्वारा देय 50 प्रतिशत अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा लघु एवं सीमांत कृषकों को 30 प्रतिशत के स्थान पर अब 40 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय लिया गया   है । इस योजना हेतु बजट में 22 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।
     
4.2    विगत वर्षो में प्राकृतिक आपदा के फलस्वरूप कृषकों को आर्थिक नुकसान हुआ है । प्राकृतिक प्रकोप की स्थिति में प्रदेश के कृषकों को राहत देने के उद्देश्य से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर तथा बिलासपुर जिलों में मौसम आधारित फसल बीमा लागू करने का निर्णय लिया गया है । इसके लिये इस बजट में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

4.3    राज्य के कृषकों को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाकम्भरी योजना, किसान समृध्दि योजना तथा नलकूप योजना संचालित की जा रही है । शाकम्भरी योजना अंतर्गत सिंचाई पंपों की मांग में उत्तरोत्तर वृध्दि को देखते हुए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे लगभग 6 हजार नलकूप खनन, 1 हजार कूपनिर्माण कार्य तथा 15 हजार सिंचाई पंपों का वितरण संभव हो  सकेगा । इन प्रयासों के फलस्वरूप अनुमान है कि सिंचित क्षेत्र में लगभग 27 हजार हेक्टेयर की वृध्दि हो सकेगी ।

4.4    कृषि पंपों के ऊर्जीकरण को विशेष महत्व देते हुए चालू वर्ष के बजट प्रावधान 35 करोड़ में वृध्दि कर 75 करोड़ का प्रावधान रखा गया है । वित्तीय वर्ष 2011-12 में लगभग 20,000 हितग्राहियों को लाभन्वित करने का लक्ष्य है ।

4.5    प्रदेश के किसान भाइयों के पशुधन की समुचित देखभाल के लिए 25 नवीन पशु औषधालय स्थापित किए जा रहे हैं । इसके अतिरिक्त वर्तमान में संचालित 15 पशु औषधालयों का पशु चिकित्सालयों में उन्नयन किया जाएगा ।

4.6    कृषि क्षेत्र के विकास में उद्यानिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है । इस कारण इस बजट में राजनांदगांव में उद्यानिकी महाविद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है जिसके लिए 1 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।

सहकारिता


5.    माननीय अध्यक्ष महोदय, प्रदेश के किसान भाइयों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य देने, कृषि उपज की समुचित विपणन व्यवस्था करने तथा कृषि एवं संबध्द क्षेत्रों जैसे, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्यपालन के लिए कृषकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है । इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए लघु एवं सीमांत कृषकों को तीन प्रतिशत की रियायती दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है । इस बजट में ब्याज अनुदान हेतु 90 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंकों की अंशपूंजी में धनवेष्ठन हेतु 7 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है । सहकारी बैंकों एवं सहकारी समितियों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के प्रशिक्षण हेतु रायपुर में प्रशिक्षण केन्द्र के लिए 50 लाख का प्रावधान किया गया है ।

सिंचाई


6.    राज्य गठन के पश्चात राज्य की सिंचाई क्षमता में लगभग 5 लाख हेक्टेयर की वृध्दि हुई है । प्रदेश में 7 वृहद, 33 मध्यम तथा 2,313 लघु सिंचाई योजनाएं निर्मित की जा चुकी है । इस बजट में सिंचाई बजट में लगभग 20 प्रतिशत की वृध्दि करते हुये 2,123 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें नवीन योजनाओं के रूप में अरपा भैंसाझार वृहद सिंर्चाई योजना, 59 एनीकट तथा 59 लघु सिंचाई योजनाओं हेतु 95 करोड़ का प्रावधान शामिल है ।

6.1    सिंचाई क्षमता में वृध्दि के लिये वृहद सिंचाई योजनाओं के साथ-साथ लघु सिचांई योजनाओं के मरम्मत, पुनर्निर्माण तथा पुनरोध्दार का कार्य भी बहुत महत्वपूर्ण  है । इस बजट में वृहद् सिंचाई योजनाओं के मरम्मत हेतु 11 करोड़ तथा लघु सिंचाई योजनाओं के मरम्मत हेतु 6 करोड़ 32 लाख का प्रावधान किया गया   है ।

खाद्य


7.    माननीय अध्यक्ष महोदय, विगत वर्षों में हमारी सरकार ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाये हैं जिसे राष्ट्रीय स्तर पर भी ख्याति मिली है । हमारा यह प्रयास निरंतर जारी है । मुख्यमंत्री खाद्यान्न सुरक्षा योजना अंतर्गत इस बजट में 946 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

7.1    खाद्यान्न सुरक्षा कार्यक्रम को विस्तार देते हुए हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि बस्तर संभाग में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को एक किलोग्राम चना प्रतिमाह उपलब्ध कराया जाए । इससे बस्तर संभाग के 4 लाख 85 हजार परिवार लाभान्वित होंगे । इस हेतु बजट मेें 12 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।

7.2    उचित मूल्य की राशन दुकानों से राशन प्राप्त करने की प्रक्रिया को और सुगम बनाने के लिए रायपुर में बीपीएल कार्ड धारकों के लिए स्मार्ट कार्ड योजना प्रांरभ की जा रही है । इस योजना के अंतर्गत स्मार्ट कार्ड धारक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी राशन दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेगा । इसके लिए 1 करोड़ 72 लाख का प्रावधान है ।

7.3    राशन दुकानों में हर समय खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 50 दुकान सह गोदाम का निर्माण किया जाएगा, इसके लिए 5 करोड़ का प्रावधान है ।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी


8.    माननीय अध्यक्ष महोदय, हमने ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया है और काफी हद तक सफल भी रहे हैं । पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के बजट में लगभग 30 प्रतिशत की वृध्दि करते हुये 461 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

8.1 इस बजट में पांच हजार बसाहटों में हैंडपंप, नलजल तथा स्पॉट सोर्स योजना के माध्यम से समुचित पेयजल उपलब्ध कराये जाने हेतु 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

8.2    पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है । बस्तर एवं सरगुजा संभाग में इस कार्य को गति देने के उद्देश्य से 09 चलित प्रयोगशालाओं की स्थापना की जायेगी ।

8.3    राज्य के गोबरा-नवापारा, जामुल नगर, बेमेतरा, अहिवारा, धमधा, गंडई पंडरीया, छुरिया, बस्तर, फरसगांव, केसकाल तथा विश्रामपुरी में नवीन जलप्रदाय योजनाओं हेतु 6 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

शिक्षा


9.    माननीय अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार का यह मानना है कि समाज के विकास में ही राज्य का विकास निहित है, अत: मानव संसाधन के विकास को विशेष महत्व देते हुये इस बजट में शिक्षा के लिये चालू वित्तीय वर्ष के बजट में 22 प्रतिशत की वृध्दि करते हुये 4,805 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

9.1    राज्य शासन द्वारा शासकीय हाईस्कूलों को चरणबध्द रूप से हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया जा रहा है । इस बजट में 100 हाई स्कूलों का हायर सेकण्डरी स्कूलों में उन्नयन हेतु प्रावधान रखा गया है ।

9.2    हमारी सरकार ने प्राथमिक शालाओं के सभी छात्राओं को गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया है । इस हेतु 30 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।

9.3    अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र छात्राओं को प्री-मेडीकल एवं प्री-इंजीनियरिंग परीक्षा के लिये प्रशिक्षण हेतु ''युवा कैरियर योजना'' प्रारंभ की जायेगी ।

9.4    हमने विगत वर्षो में स्कूलों की अधोसंरचना विकास के लिये निरंतर प्रयास किये है । इस बजट में 93 हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों के नवीन भवन निर्माण एवं 346 हाई स्कूल तथा हायर सेकण्डरी स्कूल भवनों के विस्तार हेतु 76 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।

9.5    जांजगीर-चांपा, जशपुर तथा कोरबा में जिला ग्रंथालय एवं रायपुर में केन्द्रीय ग्रंथालय तथा 10 विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के भवन निर्माण हेतु लगभग 3 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।

9.6    माननीय अध्यक्ष महोदय, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा के विस्तार हेतु विगत 7 वर्षो में राज्य में 49 नवीन शासकीय महाविद्यालय, 2 इंजीनियरिंग महाविद्यालय, 10 पॉलीटेक्निक एवं 50 आई. टी. आई. खोले गये है। इस क्रम में सनावल, कोंटा, जामगांव (आर), पांडातराई, अरमरीकला, पामगढ़, एवं ओड़गी में नवीन महाविद्यालय, रायपुर में सह-शिक्षा शासकीय पॉलीटेक्निक तथा मानपुर, भानपुरी, आरा, चेन्द्रा, माकड़ी, धमधा एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड में नवीन आई. टी. आई. की स्थापना की जायेगी ।

9.7    बिलासपुर में स्थापित गुरू घासीदास विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिये जाने के फलस्वरूप स्थानीय आवश्यकता को देखते हुये बिलासपुर में एक नवीन विश्वविद्यालय खोला जायेगा ।

9.8    कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के अंतर्गत ''हिन्द स्वराज पीठ'' की स्थापना की जावेगी । संस्कृत भाषा के विद्वानों को प्रोत्साहित करने के लिये ''संस्कृत भाषा सम्मान'' पुरस्कार दिया जायेगा ।

9.9    प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित रोजगार मेला की सफलता को देखते हुये सभी जिलों में रोजगार मेला आयोजित किया जायेगा । रोजगार कार्यालय राजनांदगांव, दुर्ग एवं जगदलपुर के नवीन भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ 80 लाख का प्रावधान रखा गया है । नवनिर्मित इंजीनियरिंग महाविद्यालय, रायपुर में छात्रावास भवन एवं स्टाफ क्वार्टर निर्माण करने के लिये 8 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास


10.    माननीय अध्यक्ष महोदय, हमारा राज्य एक अनुसूचित जनजाति बहुल राज्य है । अत: इस वर्ग के सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास के बिना प्रदेश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है । हमारी सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति तथा पिछड़ा वर्गो के विकास हेतु अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई है । इस हेतु 2,625 करोड़ का प्रावधान रखा गया है, जो चालू वर्ष के बजट से 17 प्रतिशत अधिक है ।

10.1    अनुसूचित जाति, जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार हेतु विगत 7 वर्षो में 427 नवीन आश्रम शालाएँ तथा 703 छात्रावास प्रारंभ किये गये है । इस क्रम को जारी रखते हुये इस बजट में 20 नवीन आश्रम शालाएँ तथा 34 छात्रावास स्थापित करने का प्रावधान किया गया है । 40 हाई स्कूलों का हायर सेकण्डरी में उन्नयन किया   जायेगा ।

10.2    अनुसूचित जाति, जनजाति क्षेत्र के आश्रम शालाओं तथा छात्रावासों में निवासरत लगभग डेढ़ लाख छात्रों को शिष्यवृत्ति प्रदान की जाती है । वर्ष 2009-10 में शिष्यवृत्ति की दर 350 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 450 रूपये प्रतिमाह की गई थी । इस बजट में शिष्यवृत्ति की दर में और वृध्दि करते हुये इसे 650 रूपये प्रतिमाह किया जावेगा । बजट में इस हेतु 15 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान रखा गया है ।

10.3    नक्सल प्रभावित जिलों के कक्षा 10 वीं उत्तीर्ण मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रतिष्ठित तकनीकी एवं चिकित्सा महा विद्यालयों में प्रवेश दिलाने हेतु कोचिंग देने के लिये रायपुर में ''प्रयास'' आवासीय विद्यालय प्रारंभ किया गया है । रायपुर में एक तीन सौ सीटर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भी स्थापित किया जायेगा ।

स्वास्थ्य


11.    अध्यक्ष महोदय, स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को देखते हुये चालू वर्ष के बजट में लगभग 29 प्रतिशत की वृध्दि करते हुये इस बजट में 1,214 करोड़ का प्रावधान रखा गया है । हमारी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर अंचलों के घर घर पहुंचाने के लिये अनेक उपाय किये है । बजट में ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिये उप स्वास्थ्य, प्राथमिक स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जिला चिकित्सालयों के लिये अतिरिक्त पद निर्मित करने का प्रस्ताव है ।

11.1    बजट में बस्तर संभाग के 949 उप स्वास्थ्य केन्द्रों हेतु महिला स्वास्थ्यकर्ता का एक अतिरिक्त पद, प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हेतु 741 ग्रामीण चिकित्सा सहायक, 741 स्टाफ नर्स तथा 741 सहायक ग्रेड-3 के अतिरिक्त पद निर्माण का प्रस्ताव है । इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सिविल चिकित्सालयों तथा जिला चिकित्सालयों हेतु निश्चेतना विशेषज्ञ के 148, अस्थि रोग विशेषज्ञ के 56, नर्सिंग सिस्टर के 25, स्टाफ नर्स के 1554 तथा लैब तकनीशियन के 224 अतिरिक्त पद निर्मित करने का प्रस्ताव है ।

11.2    माननीय अध्यक्ष महोदय, इस वर्ष 36 उप स्वास्थ्य केन्द्र, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा मुंगेली एवं जगदलपुर में दो 100 बिस्तर क्षमता के चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु बजट प्रावधान किया गया है । स्वास्थ्य सेवाओं के लिये संचालित योजनाओं के प्रभावी अनुश्रवण के लिये 4 संभागीय कार्यालय भी स्थापित किये जायेगें।

11.3    अध्यक्ष महोदय, स्वास्थ्य सुविधाओं के अधोसंरचना विस्तार के अंतर्गत 50 उप स्वास्थ्य केन्द्र, 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 20 आयुष औषधालय के भवन निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान किया गया है ।

11.4    प्रदेश में सिकलसेल एनीमिया ज्वलंत समस्या है । इस रोग पर नियंत्रण के लिये सिकलसेल प्रबंधन कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जायेगा । इस हेतु 2 करोड़ 95 लाख का प्रावधान किया गया है ।

11.5    प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों तथा उससे संबध्द चिकित्सालयों के लिये उपकरण क्रय करने हेतु 49 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

11.6    अध्यक्ष महोदय, एलोपैथिक चिकित्सा सेवाओं के साथ ही आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिये राजनांदगांव, कबीरधाम, कोरबा तथा जांजगीर-चांपा में आयुष पॉली क्लीनिक की स्थापना हेतु भी आवश्यक प्रावधान किया गया है । आयुष दीप समितियों को अनुदान देने हेतु 1 करोड़ 87 लाख का प्रावधान किया गया है ।

महिला एवं बाल विकास


12.    महिलाओं एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये हमारी सरकारी दृढ़ संकल्पित है । राज्य में आई.सी.डी.एस सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिये 43,763 आंगनबाड़ी तथा 6,548 मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है । वर्तमान में पूरक पोषण आहार के कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 19 लाख बच्चों तथा 5 लाख गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है । इसके लिये 372 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

12.1    मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर में कमी तथा कुपोषण की रोकथाम हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है । इसके फलस्वरूप राज्य में इस वर्ष शिशु मृत्युदर घटकर 54 रह गयी है ।

12.2    अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में शुध्द पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर प्युरीफायर उपलब्ध कराने के लिये 1 करोड़ तथा इन्हीं क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले 3 से 6 वर्ष के आयु के बच्चों को गणवेश प्रदान करने हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है । अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के लिये आवास-सह-कार्यालय निर्माण हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

12.3    चालू वित्तीय वर्ष में स्थापित 8,826 नवीन आंगनबाड़ी तथा 4,229 मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सायकल प्रदाय करने हेतु 2 करोड़ 25 लाख का बजट प्रावधान किया गया है । इसी प्रकार 1,250 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण हेतु 37 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया  है ।

12.4    सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सहायता राशि 5,000 रूपये मेें वृध्दि कर 10,000 रूपये किया गया है ।

समाज कल्याण


13.    माननीय अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण हेतु प्रतिबध्द है । इसको ध्यान में रखते हुये राज्य के भिक्षुकों एवं विक्षिप्त महिलाओं के पुनर्वास हेतु आवासीय केन्द्रों की स्थापना हेतु 55 लाख का प्रावधान किया गया है ।

13.1    घरौंदा योजना के अंतर्गत प्रमस्तिष्क अंगाघात से पीड़ित, मंदबुध्दि एवं मानसिक रूप से अल्प विकसितों हेतु एक आवासीय केन्द्र की स्थापना के लिए 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है । इससे प्रदेश के मानसिक नि:शक्तजनों को बेहतर उपचार एवं पुनर्वास सुविधा मिल सकेगी ।

13.2    माना कैम्प, रायपुर में वर्तमान में संचालित विभिन्न संस्थाओं हेतु एकीकृत परिसर निर्माण के लिये 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है । इससे इन संस्थाओं में निवासरत नि:शक्तजनों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा ।

13.3    माता पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अनुसार राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को शासन द्वारा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने हेतु ''एकीकृत वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना'' अतंर्गत 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

13.4    वर्तमान में 3 जिलों में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण विकलांग पुनर्वास कार्यक्रम का विस्तार बस्तर एवं सरगुजा में करने हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया  है ।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास


14.    माननीय अध्यक्ष महोदय, मुझे सदन को यह अवगत कराते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि राज्य के पहुंचविहीन ग्रामों तथा बसाहटों को बारहमासी सड़कों से योजनाबध्द तरीके से जोड़ने हेतु एक नवीन योजना ''मुख्यमंत्री ग्राम सड़क विकास योजना'' प्रारंभ की जा रही है । इस योजना अंतर्गत ऐसी सड़कों का निर्माण किया जावेगा जो कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दिशानिर्देशों के अंतर्गत नहीं आती   है । इस योजना हेतु 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

14.1    ग्रामीण अवसंरचनाओं के उन्नयन हेतु हमारी सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पंचायतों को गत वर्षों में पर्याप्त राशि उपलब्ध करवायी है । इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुये बजट में इन योजनाओं हेतु 120 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

14.2    राज्य के 15 जिलों में संचालित पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि तथा राज्य के 10 नक्सल प्रभावित जिलों में एकीकृत कार्ययोजना के अंतर्गत अधोसंरचना विकास हेतु 560 करोड़ का प्रावधान किया गया है । आशा है इससे राज्य के पिछड़े जिलों की अवसंरचना अंतराल को दूर करने में पर्याप्त मदद मिलेगी ।

नगरीय प्रशासन एवं विकास



15.    अध्यक्ष महोदय, शहरी क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने तथा अधोसंरचनात्मक विकास करने हेतु हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित है । इस हेतु नगर निगमों को 100 करोड़ के एकमुश्त एकबार अनुदान का प्रावधान किया गया है । इससे इन नगरीय क्षेत्रों के विकास कार्य में सुधार आएगा ।

15.1    जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के अंतर्गत रायपुर जलप्रदाय योजना का कार्य प्रगति पर है । इस योजना के अंतर्गत इस बजट में 245 करोड़ का प्रावधान किया गया है । प्रदेश के 109 नगरीय निकायों में झुग्गी बस्तियों में विकास कार्य तथा आवास निर्माण हेतु 45 करोड़ तथा एकीकृत आवास एवं मलिन बस्ती सुधार योजनांतर्गत 76 करोड़ का प्रावधान है ।

15.2    नगरीय निकायों के लिए विशिष्ट प्रयोजनार्थ योजनाओं हेतु 107 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

आवास एवं पर्यावरण


16.    अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मण्डल ने राज्य में कमजोर वर्ग के हितग्राहियों हेतु सर्वसुविधा युक्त आवास निर्माण करने हेतु महत्वाकांक्षी ''विकास नगर योजना'' तैयार की है । इस योजना में राज्य शासन के अंशदान हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

16.1    नये रायपुर के विकास के प्रथम चरण में सचिवालय भवन तथा विभागाध्यक्ष भवन के निर्माण का कार्य पूर्णता की ओर है । इस क्षेत्र में भूमिगत विद्युतीकरण तथा सीवरेज परियोजना हेतु 64 करोड़ का प्रावधान रखा गया है । नया रायपुर क्षेत्र में रेल सुविधा के विस्तार हेतु रेलवे लाईन एवं रेल्वे स्टेशनों के निर्माण के लिये राज्य शासन के अंशदान के रूप में 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।

16.2    13वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अंतर्गत योजना अवधि में नवीन राजधानी विकास के लिये 550 करोड़ की राशि प्राप्त होगी । इस योजना के अंतर्गत बजट में शासकीय कर्मचारियों के लिये आवासीय भवनों के निर्माण तथा अन्य विभागाध्यक्ष कार्यालय भवनों के निर्माण हेतु 137 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है ।
उद्योग एवं ग्रामोद्योग

17.    माननीय अध्यक्ष महोदय, औद्योगिक नीति वर्ष 2009-14 के क्रियान्वयन एवं प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं । इस बजट में उद्योगों को ब्याज अनुदान हेतु 46 करोड़, औद्योगिक इकाइयों को लागत पूंजी अनुदान के लिए 4 करोड़ 50 लाख, नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 20 करोड़ तथा औद्योगिक पार्कों के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है । इसके अतिरिक्त राज्य स्तरीय मेला प्रांगण का निर्माण हेतु 10 लाख का प्रावधान किया गया है ।

17.1    माननीय अध्यक्ष महोदय, प्रदेश की ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था में बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों का विशेष योगदान है । हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डोंगरगढ़ में शिल्प ग्राम की स्थापना हेतु 50 लाख एवं शिल्पियों के लिए डिजाईन शिक्षा हेतु 10 लाख का प्रावधान किया गया है ।

श्रम कल्याण


18.    प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ साथ उद्योगों के लिये आवश्यक कुशल एवं अकुशल श्रमिकों के हितों का संरक्षण एवं संवर्धन भी हमारा दायित्व है । हमारी सरकार इस ओर भी सजग है । हमने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य  सन्निर्माण कर्मकार मण्डल का गठन किया है, जिसके माध्यम से निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के लिये राजमिस्त्री प्रशिक्षण योजना, सायकल सहायता योजना, सिलाई मशीन सहायता योजना, औजार सहायता योजना जैसे विभिन्न कल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही   हैं । इसके अतिरिक्त श्रमिकों के कल्याण के लिये छत्तीसगढ़ असंगठित श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण मण्डल का गठन किया गया है । इसमें इन वर्गों के श्रमिकोें को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिये जाने हेतु 5 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है ।

18.1    कर्मचारी राज्य बीमा सेवा के अंतर्गत दुर्ग, दर्री-जमुनापाली तथा नवापारा-राजिम में नये औषधालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया  है । इसके अतिरिक्त कोरबा तथा राजनांदगांव में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के नये कार्यालय खोलने का भी प्रस्ताव है ।

वन


19.    छत्तीसगढ़ राज्य का लगभग 44 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र वनों से आच्छादित   है । वनों के संरक्षण एवं विकास हेतु चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में बजट में लगभग 33 प्रतिशत की वृध्दि करते हुये 886 करोड़ का प्रावधान किया गया  है ।

19.1    बांस आधारित कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये 5 बांस प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना हेतु 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है ।

19.2    वन्य संरक्षित क्षेत्रों में वन्य प्राणियों के प्राकृतिक वास के समन्वित विकास  हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

ऊर्जा


20.    माननीय अध्यक्ष महोदय, विगत वर्षों से हम ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है । हमारे बिजली संयंत्रों का प्लांट लोड फैक्टर लगभग 91 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है । यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है ।

20.1    प्रदेश के किसान भाइयों के पाँच हॉर्स पॉवर के ढाई लाख से अधिक कृषि पंपों को नि:शुल्क विद्युत प्रदाय हेतु इस वर्ष के प्रावधान में लगभग 16 प्रतिशत की वृध्दि करते हुए 177 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

20.2    इसके अलावा एकल बत्ती कनेक्शन हेतु इस वर्ष प्रावधानित राशि में लगभग 20 प्रतिशत की वृध्दि करते हुए 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

20.3    स्कूलों एवं अस्पतालों तक विद्युत सुविधा पंहुचाने हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।
 

लोक निर्माण


21.    आर्थिक विकास को बनाये रखने हेतु उच्च गुणवत्ता वाली परिवहन व्यवस्था का त्वरित विकास आवश्यक है । इस हेतु राज्य सरकार द्वारा सड़क परिवहन पर विशेष जोर दिया गया है तथा चालू वर्ष की तुलना में इस क्षेत्र में लगभग 27 प्रतिशत की वृध्दि करते हुये 2,357 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

21.1    अध्यक्ष महोदय, इस बजट में 1 रेल्वे ओव्हर ब्रिज तथा 3 रेल्वे अंडर ब्रिज के निर्माण हेतु 4 करोड़ 20 लाख, 105 पुलों के निर्माण हेतु 43 करोड़ 56 लाख, 10 राज्य मार्गो के निर्माण हेतु 26 करोड़ 87 लाख तथा 68 मुख्य जिला सड़कों के निर्माण हेतु 164 करोड़ 24 लाख का प्रावधान किया गया है ।

21.2    सड़कों के घनत्व में त्वरित वृध्दि करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा एशियन विकास बैंक से द्वितीय चरण ऋण लेने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है । इस परियोजना के अंतर्गत आगामी पांच वर्षो में लगभग 1,540 किलोमीटर लंबाई की सड़कों के उन्नयन करने की योजना है ।

खनिज


22.    माननीय अध्यक्ष महोदय, राज्य में सुनियोजित आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए खनिजों के उत्पादन में वृध्दि एवं पूंजी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाकर रोजगार के नये अवसर सृजित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है । इस हेतु खनिज के बजट में चालू वर्ष की तुलना में लगभग 62 प्रतिशत की वृध्दि करते हुये 293 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

22.1    इस वर्ष खनिज सर्वेक्षण कार्यो के अंतर्गत 3,000 वर्ग किमी क्षेत्र के भौमिकी सर्वेक्षण का लक्ष्य है । खनिजों के अवैध उत्खनन की रोकथाम हेतु रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा एवं रायगढ़ जिलों में ''माईनिंग टेनामेंट रजिस्ट्री सिस्टम'' लागू किया जायेगा, जिसके लिए 50 लाख का प्रावधान रखा गया है ।

विमानन


23.    माननीय अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में रायगढ़ तथा जशपुर के हवाई पट्टियों के उन्नयन के लिये 4 करोड़ तथा बीजापुर एवं कबीरधाम में नई हवाई पट्टी के निर्माण के लिए 4 करोड़ का प्रावधान किया गया है । इसके अतिरिक्त अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 10 विकासखण्ड मुख्यालयों में 10 हैलीपेड निर्माण हेतु भी प्रावधान किया गया है ।

वित्त एवं योजना


24.    13वें वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार वर्ष 2010 से 2015 की अवधि में राज्य को लगभग 6,175 करोड़ की राशि अनुदान के रूप में प्राप्त होगी जिसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्ता सुधार के साथ साथ अधोसंरचनात्मक कार्यो के लिये किया जावेगा ।

24.1    आयोग के अनुशंसा अनुरूप हमने इस बजट में दो पृथक बजट पुस्तिकाओं द्वारा स्थानीय निकायों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कुल प्राप्त होने वाली राशियों के अंतरण को दर्शाया है ।

24.2    राज्य में पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप संबंधी कार्य हेतु छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास निगम के लिये 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

24.3    राज्य योजना आयोग एवं जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।


राजस्व


25.    राज्य के 10 नजूल नगरों के हवाई सर्वेक्षण हेतु 2 करोड़ 32 लाख का प्रावधान किया गया है । इसके अलावा अभनपुर एवं धरसींवा में तहसील कार्यालय भवन के निर्माण एवं मुंगेली, जिला बिलासपुर में अतिरिक्त कलेक्टर कार्यालय की स्थापना हेतु भी आवश्यक प्रावधान किया गया है ।

पुलिस एवं जेल प्रशासन


26.    अध्यक्ष महोदय, कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिये पुलिस बल में वृध्दि तथा उनकी भौतिक संसाधनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये हमने लगातार प्रयास किया है । गृह विभाग के चालू वित्तीय वर्ष के बजट में 35 प्रतिशत वृध्दि करते हुये इस बजट 1,535 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें 76 थानों एवं 2 चौकियों में बल वृध्दि हेतु 2,069 एवं एस.टी.एफ. में 500 अतिरिक्त पद निर्मित करने का प्रस्ताव शामिल है । इसके अतिरिक्त बलौदाबाजार, महासमुंद, दुर्ग एवं मुंगेली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा बिलाईगढ़, बागबहरा, पिथौरा एवं चन्द्रपुर में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी कार्यालय की स्थापना भी की जायेगी ।

26.1    राजादेवरी, राखी, धनसीर, सिंगोड़ा, भीमखोज, तेंदुपोना, झाराघाटी, अमलेश्वर, लेमरू, श्यांग तथा मुलमुला में 11 नवीन थाना तथा बेलादुला, टुहलू, बुंदेली तथा कनकबीरा में 4 नवीन चौकी स्थापित की जाएॅगी । इसके अतिरिक्त मंगचुआ, सूरेगांव, कोमाखान, पटेवा, डोंगरीपाली, गिधौरी तथा विधानसभा चौकी का थाने में उन्नयन किया जायेगा । इन सबके लिये 1,135 पदों के निर्माण का प्रस्ताव है ।

26.2    पुलिस जिला गरियाबंद, सूरजपुर एवं बलरामपुर के लिये नगर सैनिकों के 1,287 पद निर्मित किये जायेंगें ।

26.3    20 थाना भवन तथा पुलिस विभाग के अन्य भवन निर्माण हेतु 9 करोड़ तथा 650 पुलिस कर्मियों के आवासीय भवन निर्माण हेतु 62 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है ।

26.4    प्रदेश के जेलों की अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु 37 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है ।

विधि एवं विधायी कार्य


27.    माननीय अध्यक्ष महोदय, भिलाई एवं अकलतरा में सिविल न्यायाधीश वर्ग-एक तथा अंबिकापुर एवं दुर्ग में स्थायी लोक अदालत की स्थापना हेतु आवश्यक प्रावधान किया गया है । इसके अलावा विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु 8 मोबाईल क्लीनिक भी प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है ।

वर्ष 2010-11 का पुनरीक्षित अनुमान


28.    अध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2010-11 के पुनरीक्षित अनुमान के आंकड़े सदन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहूँगा :-

28.1    वर्ष 2010-11 में शुध्द व्यय 24,685.43 करोड अनुमानित था, जो कि पुनरीक्षित अनुमान में बढ़कर 26,129.17 करोड संभावित है। यह पेंशन पुनरीक्षण, मार्कफेड को बारदाने क्रय हेतु ऋण तथा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिये जाने वाले सहायक अनुदान की राशि में वृध्दि के कारण है ।

28.2    राजस्व प्राप्ति का बजट अनुमान 20,526.35 करोड की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान 22,453.74 करोड है । राजस्व प्राप्ति में वृध्दि का मुख्य कारण वाणिज्यिक कर, आबकारी, भू-राजस्व, पंजीयन शुल्क तथा केन्द्रीय कर में राज्य के हिस्से तथा केन्द्रीय अनुदान में विभिन्न योजनाओं हेतु अनुदान की राशि में वृध्दि  है ।

28.3    वर्ष 2010-11 के बजट में अनुमानित राजस्व आधिक्य 859.78 करोड़ की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान में 1,075.74 करोड़ के राजस्व आधिक्य का अनुमान है । बजट में सकल वित्तीय घाटा का अनुमान   3,180.03 करोड़ था, जो पुनरीक्षित अनुमान में घटकर 2,830.03 करोड़ अनुमानित है । पुनरीक्षित अनुमान में सकल वित्तीय घाटा, सकल घरेलु उत्पाद का 2.5 प्रतिशत है, जो कि राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबंध अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य की सीमा मे है ।

वर्ष 2011-12 का बजट अनुमान


29.    अध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2011-12 के लिये बजट अनुमान प्रस्तुत करने जा रहा हूँ :-

29.1    वर्ष 2011-12 के लिये अनुमानित शुध्द व्यय 30,725.96 करोड है, जिसमें आयोजना व्यय 17,433.66 करोड तथा आयोजनेत्तर व्यय 13,292.30 करोड   है । वर्ष 2010-11 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में शुध्द व्यय   4,597 करोड़ अर्थात् 18 प्रतिशत अधिक है ।

29.2    पूंजीगत व्यय वर्ष 2010-11 के पुनरीक्षित अनुमान 3,650.32 करोड की तुलना में इस बजट में 5,077.06 करोड अनुमानित की गयी है, जो कि लगभग 39.08 प्रतिशत अधिक है । पूंजीगत व्यय सकल घरेलु उत्पाद का 3.96 प्रतिशत तथा कुल व्यय का 16.52 प्रतिशत अनुमानित है।

29.3    आयोजना व्यय विकासोन्मुखी व्यय का सूचक है । नवीन राज्य के गठन के पश्चात् अधोसंरचनात्मक तथा आवश्यकता आधारित हितग्राही मूलक योजनाओं पर गत वर्षो में आयोजना व्यय में काफी वृध्दि की गयी है । इस बजट में वर्ष 2010-11 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में आयोजना व्यय में लगभग 23 प्रतिशत की वृध्दि करते हुए 17,433.66 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

29.4     आयोजनेत्तर राजस्व व्यय वर्ष 2010-11 के पुनरीक्षित अनुमान   12,003.41 करोड़ की तुलना में वर्ष 2011-12 में 13,292.30 करोड अनुमानित है। इसमें वेतन भत्ते हेतु 5,730 करोड़, पेंशन हेतु 1,621.90 करोड़, ब्याज भुगतान हेतु 1,303.34 करोड, विभिन्न योजनाओं हेतु आर्थिक सहायता के रूप में 368.06 करोड तथा विभिन्न संस्थाओं को अनुदान हेतु 2,113.69 करोड शामिल है । आयोजनेत्तर राजस्व व्यय में वृध्दि मुख्यत: राज्य सरकार द्वारा छठवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू किये जाने के निर्णय के फलस्वरूप वेतन भत्ते तथा पेंशन मद में अनुमानित अतिरिक्त राशि के प्रावधान के कारण है ।

29.5    राज्य आयोजना में वर्ष 2010-11 के पुनरीक्षित अनुमान 12,958.17 करोड़ की तुलना में 25.73 प्रतिशत की वृध्दि की जाकर 16,292.40 करोड़ अनुमानित की गई है, जिसमें केन्द्रीय सहायता 2,515.98 करोड़ तथा शेष 13,776.42 करोड़ राज्य संसाधन से उपलब्ध करवाया जाएगा । यह उल्लेखनीय है कि राज्य आयोजना का 85 प्रतिशत स्वयं के संसाधन से पोषित है ।

29.6    राज्य आयोजना में सामान्य क्षेत्र के लिये 53.89 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के लिये 34.61 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति क्षेत्र के लिये  11.50 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है ।

29.7    बजट में सामाजिक क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर किया गया है । वर्ष 2011-12 हेतु सामाजिक क्षेत्र में कुल व्यय का 46 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है, जिसमें मुख्यत: शिक्षा हेतु 19 प्रतिशत, स्वास्थ्य हेतु 4.5 प्रतिशत, अनुसूचित जाति-जनजाति विकास हेतु 4.6 प्रतिशत, महिला एवं बाल विकास हेतु 1.6 प्रतिशत तथा पेयजल हेतु 1.5 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है ।

29.8    आर्थिक क्षेत्र के लिये वर्ष 2011-12 में बजट प्रावधान कुल व्यय का 34 प्रतिशत है । इसमें मुख्य रूप से कृषि तथा कृषि से संबंधित क्षेत्र हेतु 12.24 प्रतिशत, लोक निर्माण के कार्यों हेतु 6 प्रतिशत, सिंचाई हेतु 7 प्रतिशत तथा ग्रामीण विकास हेतु 5.6 प्रतिशत शामिल है ।

29.9    वर्ष 2011-12 हेतु कुल राजस्व प्राप्तियां 25,809.90 करोड़ अनुमानित है, जो कि पुनरीक्षित अनुमान 2010-11 की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है ।

राजकोषीय स्थिति

30.    अध्यक्ष महोदय, गत वर्षो के बजट अनुमान के अनुरूप इस वर्ष भी 1,348.13 करोड़ का राजस्व आधिक्य अनुमानित किया गया है ।

30.1    राज्य का सकल वित्तीय घाटा 3,819.79 करोड़ अनुमानित किया गया है, जो कि सकल घरेलु उत्पाद का लगभग 3 प्रतिशत है तथा ''राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंध अधिनियम'' में निर्धारित सीमा के भीतर है । अध्यक्ष महोदय, यह जानकर सदन को प्रसन्नता होगी कि गत वर्ष की आर्थिक मंदी के बावजूद सकल वित्तीय घाटे को सकल घरेलु उत्पाद की निर्धारित सीमा के अंदर रखने में हमने सफलता पायी है ।

30.2    वर्ष 2011-12 हेतु कुल शुध्द प्राप्तियाँ 30,386.22 करोड तथा कुल शुध्द व्यय 30,725.96 करोड़ अनुमानित किया गया है । इन वित्तीय संव्यवहारों के फलस्वरूप 339.74 करोड़ का शुध्द घाटा अनुमानित है । वर्ष 2010-11 के संभावित घाटा 612 करोड़ को शामिल करते हुये वर्ष 2011-12 का कुल बजटीय घाटा   951.74 करोड़ अनुमानित है । इस घाटे की पूर्ति वित्तीय अनुशासन तथा अतिरिक्त आय के संसाधन जुटाकर की जावेगी ।

भाग-2


31.    अध्यक्ष महोदय, राज्य के विकास लिए, संसाधनों की व्यवस्था हेतु, कराधान किया जाना आवश्यक है, किंतु प्रारंभ से ही हमारी सरकार ने यह प्रयास किया है कि करों की दर तथा कराधान की प्रणाली ऐसी हो जो करदाताओं के लिए आसान व सुविधाजनक भी हो तथा उद्योग व व्यवसाय फले-फूले । इसी उद्देश्य से विगत वर्षों में हमारी सरकार द्वारा कर की दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है तथा कर सुधारों की दिशा में हम अग्रणी हैं । उपभोक्ताओं को जागरूक करने व कर अपवंचन रोकने हेतु पिछले वर्ष ''उपभोक्ता जागरण पुरस्कार योजना'' प्रारंभ की गई, जिसमें चालू वर्ष में 2 लाख से भी अधिक उपभोक्ताओं ने भाग लिया। इसी प्रकार लंबे समय से विवादित एवं बकाया राशि के समाधान हेतु चालू वर्ष में ''बकाया राशि सरल समाधान योजना'' प्रारंभ की गई है, जिसमें हजारों व्यवसाईयोें ने भाग लिया है। हमारे ये प्रयास नि:संदेह राजस्व वृध्दि में सहायक होंगे ।
 
32.    अध्यक्ष महोदय, मैं प्रदेश की आम जनता तथा व्यापार एवं उद्योग जगत के हित में निम्नानुसार करों में छूट तथा दरों में युक्तियुक्तकरण प्रस्तावित करता हूँ:-

मूल्य सवंर्धित कर (वैट), प्रवेश कर एवं वृत्तिकर


(प)    प्रदेश में वाणिज्यिक कर चेकपोस्टों को समाप्त करने की मांग काफी समय से रही है । इस मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार कर निर्बाध व्यापार को बढ़ावा देने तथा इंस्पेक्टर राज प्रणाली को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में स्थित समस्त वाणिज्यिक कर चेकपोस्टों को प्रारंभिक तौर पर एक वर्ष के लिए समाप्त किया जाना प्रस्तावित है ।

(पप)    करों की संख्या में कमी द्वारा कर सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश में वृत्तिकर पूर्णरूपेण समाप्त किया जाना प्रस्तावित है । 

(पपप)    गाय के गोबर, गो मूत्र एवं पंचगव्य से निर्मित किए जाने वाले सभी प्रकार के उत्पादों पर वर्तमान में 14 प्रतिशत कर देय है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इसे करमुक्त किया जाना प्रस्तावित है ।

(पअ)    राज्य में औषधि एवं सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने एवं किसानों के लाभ व उनके आर्थिक उन्नयन हेतु इनसे निर्मित किए जाने वाले सुगंधित तेल जिस पर वर्तमान में 14 प्रतिशत कर लगता है, को करमुक्त किया जाना प्रस्तावित है ।

(अ)    स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्टील पाईप निर्माण के लिए आवश्यक कच्चा माल, स्टील स्ट्रिप एवं कॉयल के उपयोग पर प्रवेश कर से छूट दिया जाना प्रस्तावित है ।

(अप)     मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लाभ के उद्देश्य से प्रदेश में कर चुकायी गयी पुरानी कारों के विक्रय पर, जिसमें वर्तमान में 5 प्रतिशत कर देय है, को कम किया जाकर 1 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है ।

(अपप) टेंट हाऊस सेवा से जुड़े व्यापारियों तथा आम जनता को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से वर्तमान कर प्रणाली के स्थान पर 10 लाख रूपये वार्षिक से अधिक टर्न ओव्हर वाले टेंट हाऊस  मालिकों को 3,000 रूपये वार्षिक एकमुश्त कर जमा करने की कॉम्पोजिशन की सुविधा दिया जाना प्रस्तावित है ।

(अपपप)    छोटे व्यापारियों की सुविधा हेतु वैट अधिनियम के अंतर्गत ऑडिट की सीमा रूपये 40 लाख से बढ़ाया जाकर 60 लाख किया जाना प्रस्तावित है ।

(पग)     मध्यम तथा निम्न आय वर्ग को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से 250 रूपये मूल्य तक के प्लास्टिक के जूते चप्पलों को करमुक्त किया जाना प्रस्तावित है ।

(ग)    उपवास सामग्री जैसे साबूदाना, राजगीर, मगज, तिखुर, फाफर एवं सिंघाड़ा  को करमुक्त किया जाना प्रस्तावित है ।

(गप)    पूजा हेतु उपयोग की जाने वाली सामग्री जैसे राल, धूप, मौली, कमलकट्टा, चंदन आदि को करमुक्त किया जाना प्रस्तावित है ।

(गपप)    वर्तमान में अगरबत्ती करमुक्त है, लेकिन अगरबत्ती के पैकिंग सामग्री में कर लगता है, जिसे आम लोगों तथा अगरबत्ती उद्योग के हित में करमुक्त किया जाना प्रस्तावित है ।


 (गपपप) वर्तमान में स्टील निर्मित वायरमेश पर कर की दर 14 प्रतिशत है। आम लोगों एवं किसानों को राहत देने के लिए इसे 5 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है ।
(गपअ)    आम लोगों तथा निम्न एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के हित में गैस चूल्हा पर कर की दर, जो वर्तमान में 14 प्रतिशत है, को कम किया जाकर 5 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है ।

(गअ)     बैटरी चलित इलेक्ट्रिक कार पर वर्तमान में वैट की दर 5 प्रतिशत है। पर्यावरण संरक्षण एवं गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोतों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैटरी चलित इलेक्ट्रिक कार को पूर्णत: करमुक्त किया जाना प्रस्तावित  है ।

आबकारी


33.    समाज में मदिरा के कुप्रभावों को देखते हुए दो हजार तक की जनसंख्या वाले गांवों में स्थित देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानों को 1 अप्रेल 2011 से बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से शासन को होने वाली राजस्व हानि की पूर्ति अन्य स्त्रोतों से की जाएगी । 

34.    अध्यक्ष महोदय, प्रदेश के विकास के लिये हमने जो प्राथमिकताएं तय की है, उनके त्वरित क्रियान्वयन हेतु हम कृतसंकल्पित हैं । जैसा कि मैने प्रारंभ में उल्लेख किया है, हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ को यथाशीघ्र भारत का सिरमौर राज्य  बनायें । इसे साकार करना मुश्किल हो सकता है, किन्तु असंभव नहीं । दृढ़ इच्छाशक्ति, व्यवहारिक रणनीति तथा सभी के सहयोग से यह सपना साकार किया जा सकता है ।
35.    अध्यक्ष महोदय, मैं अपने संबोधन का समापन इन पंक्तियों के साथ करना चाहूँगा - 

        ''जो सफर इख्तियार करते हैं,
        वही मंजिल को पार करते है ।
        बस एक बार चलने का हौसला तो रखिये,
        ऐसे मुसाफिर का तो रास्ते भी इंतजार करते हैं ।''

36.    इसके साथ ही मैं वर्ष 2011-12 का वार्षिक वित्तीय विवरण तथा अनुदान की मांगें सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ ।

No provision for farmer, poor in Union Budget: BJP


Raipur, February 28, 2011 

Calling the Union Budget 2011 proposals inadequate the state BJP President Shri Ramsewak Paikra said, “The proposals made by the Finance Minister are insufficient to meet the challenges and demands of the Indian economy which needs more emphasis and budgetary allocations in key segments like agriculture. The Centre has also neglected impoverished class in its budget.”
Highlighting the need for cheaper loans to farmers he said “Although the FM has increased the interest subvention to farmers from existing 2 percent to 3 percent which brings down the effective interest rate to 4 percent but the Budget has made this applicable only on crop loans. It has been our long standing demand to give loans to farmers at 4 percent interest rate. The Farmers Commission headed by Dr. MS Swaminathan has also recommended for it, therefore this provision should not be implemented in a patchy manner. He should have included other agriculture related activities like purchase of implements and other goods under this interest subvention provision. Also he should have extended this benefit to larger number of farmers rather than focusing only on those farmers who are easily getting institutional credit.”
 “When agriculture in India is in dire straits the Government should have come up with a generous budgetary support and allocation to address the issues adversely affecting the sector. Unfortunately the Budget 2011 has not delivered on this front even after recognising the problems faced by the sector,” said BJP general secretary Shivratan Sharma.
 “The Government could have helped the aam aadmi if it had increased the tax exemption limit to Rs 2,40,000. But the Government has increased the exemption limit only to Rs1, 80,000 which is nothing but a token relief to the tax-payers of the country. In an inflationary environment where double digit inflation is putting tremendous pressure on aam aadmi this token relief is nothing but a cruel joke,” said the Bharatiya Janata Yuwa Morcha state president Anurag Singhdeo and other office-bearers. 


It is growth-oriented Budget: Congress

Raipur, February 28, 2011

The state Congress has termed the Union Budget as          growth-oriented and positive. The PCC spokesperson Ramesh Varlyani said, “The Finance Minister(FM) had been able to come out with a growth-oriented budget even as he gave due attention to social welfare plans. The budget is the most people-friendly with special emphasis on agriculture which is the need of the hour as the country’s economy primarily remains agrarian. This Budget had set tone for a vibrant economy.”
Hailing the reduction in the fiscal deficit from 5.1 per cent to 4.6 per cent in the current financial year, he said the state Congress was confident that the budget will set pace and for double digit growth in the country. “Under the current circumstances we could not be having a better budget than this as every sector has been dealt with efficiently and properly,” he said.
He thumped the FM for taking positive steps for reducing wastage and cutting costs to cool down food inflation. “Granting infrastructure status to cold storages was good decision to this end,” he said.
 “The 23.3 percent increase in infrastructure outlay and an additional Rs 30,000 crore tax free bonds issue are encouraging and are well supported by the extension of Rs 20,000 deduction for investment in Infrastructure bonds,” he said.  
"Many important buttons have been pressed – long term debt funds for infrastructure, agri infrastructure, urban transportation, excise exemption for equipment and supplies to Ultra Mega Power Plants (UMPPs) and a comprehensive national policy soon for PPP," he said.
 “The hike on export duty on iron ore fines and lumps to 20% ad valorem is most welcome. I am sure that this will lead to greater value addition at home and encourage the domestic steel industry,” he said.
“The FM’s support for start and completion of the National Knowledge Network of 1500 top institutes within 2011-12 is very welcome,” he added.
“The increased allocation to the infrastructure, housing and agriculture sectors would significantly boost the demand for commercial and off-the road vehicles,” he said.
He also said that the mission for electric and hybrid vehicles may bring about acceleration in the mainstreaming of these technologies. “Import duty reduction on parts for green vehicles would help,” he added.


It is an unimaginative budget: NYC

Raipur, February 28, 2011  

The National Youth Congress (NYC) says that the Union Budget is a document without a vision. “There is no big idea, which has guided and motivated the Budget presentation exercise. It is an unimaginative budget, which has little nexus to the issues confronting the Indian economy,” said NYC city president Arvind Jain. “The Finance Minister has merely utilized the expanding base of the Indian economy to marginally increase the allocations for different departments/schemes. On the taxation front, he has presented a near revenue neutral budget by reducing direct taxes marginally and increasing the indirect taxes,” he said.
“Inflation is one of the most serious issues confronting the Indian economy. Food price inflation has adversely affected the common man. Except for a routine monetary exercise of increasing the interest rates and curbing the money supply, the government has no idea as to how to deal with the issues. Both in terms of agriculture and manufacturing, expanding productivity does not appear to be an imperative,” he said.
“Increased interest rates in the long run will only make the Indian economy non-competitive in the global context. It will also hamper the manufacturer sector, which is extremely important for creating new avenues of employment, particularly in view of the under-employment in the agriculture sector. The government’s figures of reducing fiscal deficit, last year from 5.1 percent to 4.6 percent was based entirely on the amounts realized from 3G spectrum auction,” he said.
“If the Prime Minister’s theory of spectrum not being a revenue raising exercise but merely a tele-density exercise for the 2G spectrum had been accepted in the 3G spectrum, even this would not have happened. In the absence of such a facility available next year reduction of the fiscal deficit appears to be more challenging,” he added.
The Chhattisgarh State Committee of Centre of India Trade Unions (CITU) said the budget gives no impetus to job creation. “In the absence of expansion of the manufacturing sector, high employment opportunities are not likely to generate. The 8.6 percent GDP growth rate is essentially on account of 9.6 percent growth in service sector, in which the government has minimal role. The manufacturing growth is declining. It is a cause for concern,” it said.
“The 5.4 percent growth in agriculture is an optical illusion since the 2009-10 agriculture growth was lower on account of uneven rainfall. Thus, in a normal agriculture productivity year following a low productivity year the percentage increase contributes to the larger GDP growth without it having an impact on the economy,” the CITU added.
“It is a heartless Budget in as much as it increases healthcare cost in India. Public health care is overcrowded and inadequate. It is essentially meant for those who are unable to afford private healthcare. To make private healthcare costlier by inclusion in the service tax is a cause for serious objection. Tourism is huge employer of manpower across the world,” it said.
“India has yet to realise even a fraction of its tourism potential. The rich pay for Tourism and others get employment. The Indian tourism industry, compared with its global counterpart, is already costly. This Budget will make it increasingly non-competitive,” it further added.
“The casualty in this year’s Budget is infrastructure creation. Roads, highways, ports, power sector has suffered immensely during the present regime. One expected bigger ideas from this government to incentivise the public private partnership to give impetus in these areas. Regrettably, nothing has been done. This renders the present budget essentially as a packaging exercise, where the expenditure entries could be made by the expenditure secretary and the revenue collection figures could be dictated by the revenue secretary. The political leadership, which was required to give a vision to this budget appeared to be lacking,” it said.


No cheers to common man: CPI(M)

Raipur, February 28, 2011  

The Communist Party of India (Marxist) said that the Budget do not offer cheers to the middle classes, salaried employees and others. “The nominal increase of the tax exemption from Rs. 1,60,000 to Rs. 1,80,000, at best, brings Rs. 2,000 per year tax rebate to this category. This is more than offset by the inflation, rise in food prices, and various other increases influenced by the proposals contained in this budget,” said Dharmraj Mahapatra, the secretary CPI(M).
“The global oil prices are rising. The increase in oil price is creating a dual burden on the consumers. He has to pay for the cost of crude oil. Additionally, he has to pay for the ad valorem duty. There is a strong case for replacing ad valorem duties with specified duties so that every time the crude price rises the consumer does not have to pay higher taxes for the increase. We did not expect the government to profiteer out of oil price increase. We will continue to press for rationalisation of duties in relation to petroleum products,” he said.
“The Economic Survey and the Budget amply clarifies that the food grain stock of 46 million tonnes, which is twice the storage capacity. The government is accountable for the fact when the food prices were rising, why was this stock not offloaded and allowed to rot,” he said.
“This Budget was also expected to address the evil of Black money, which has corrupted even India’s polity. Unfortunately, nothing has been done in that direction. Sucking black money out of the system would also reduce the additional liquidity for this colour of money from the market. Sectors, which are responsible for generating excessive black money had to be looked into and remedial measures found. The Finance Minister has ignored the extent of the problem that is eating into the very vitals of the Indian economy,” he said.




Union Budget 2011 highlights

Raipur, February 28, 2011  

Tax
The budget provides tax relief to the common man more or less on the expected lines. The exemption limit for general category of individual tax payers has been increased from Rs 1.60 lakh to Rs 1.80 lakh giving uniform relief of Rs 2000. The additional deduction of Rs 20,000 under section 80CCF, introduced in the last budget for a year has been extended by one more year. The finance minister could have increased the rebate here and provided much needed funds for the infrastructure sector. The Union Finance Minister (FM) has also provided for 1 % subsidy on low cost housing loan up to Rs.15 lakhs, where the cost of the house does not exceed Rs 25 lakh. In addition, the exemption limit for Senior citizens has been enhanced from Rs 2.40 lakh to Rs 2.50 lakh. Moreover, the qualifying age too has been reduced from 65 years to 60 years. For very senior citizens i.e. 80 years and above, the exemption limit has been enhanced to Rs 5 lakh. However, where on one hand the FM has given direct tax relief of Rs 11,500 crore, on the other he has announced tax clawbacks of Rs 11,300 crore in indirect taxes.




Infrastructure
The FM expects Indian economy expected to grow in the range of 8.75-9.25% FY12. This means continued growth momentum in the infrastructure sector in terms of order inflows. However, execution challenges, rising input cost and interest rate scenario continue to remain a concern and will continue to drive the financial and stock performance. Indian infrastructure companies have been lagging behind investors' expectations for quite some time as their financial performance have been affected by slowdown in order inflows, delays in execution, challenges in getting financial closure, environment clearance and land acquisition. All this has led to lower than expected sales growth for the past few quarters. Further, profitability has been impacted by rising input costs and interest rates. While key issues related to land acquisition, environmental closure and rising interest rates are outside the purview of the Budget measures, the FM has somewhat tried to meet financing needs of the companies in the sector. The Union government's target for spending Rs 2.14 lakh crore in the infrastructure sector, accounting for about 48.5% of Gross Budgetary Support of total plan expenditure and announcement of disbursal of loans worth Rs 20,000 crore by Indian Infrastructure Finance Company Limited (IIFCL) are much needed incentives for the infrastructure sector.

Steel
The steel industry cheered 20 percent export duty hike on iron ore in the FY12 federal budget that will help contain escalating raw material costs and gave a thumbs-up to higher infrastructure spends, which will boost steel demand in the country. Steel makers have been reeling under margin pressure on rising input costs led by recent supply disruptions due to floods in Australia, a leading exporter to global markets. Higher export duty on iron ore has been a long pending demand of the steel industry and the budget has taken care of the issue. The increase in export duty on iron ore will increase its availability in the domestic market, thereby stabilising price and helping domestic steelmakers.


Gem and jewellery sector
The budget failed to address much of the expectations of the gem and jewellery sector, which is a major contributor to India’s exports. Much to its disappointment, the Budget failed to make good on any points on the industry’s wishlist.
The one major setback was the re-introduction of excise duty on branded jewellery albeit of 1% this time. Earlier, the 2% excise duty on branded jewellery was abolished after the industry had registered their protest and gone through lengthy negotiations with the government.


Automobile
The Budget is rosy for the electric and hybrid vehicle space as a slew of measures to reduce the overall cost of electric and hybrid vehicles along with popularising them kicks in. One such measure is the adoption of many smaller cities as EV cities. Through this, the government will earmark many tourist towns which will use electric and hybrid vehicles for transport of tourists. Along with this, hybrid cars being manufactured in India will be incentivised with an excise duty cut of 5%. Hybrid car part imports also will be exempted from the regular custom duty of 10%. That essentially translates to cheaper spare parts for the likes of the Toyota Prius Hybrid and the Honda Civic Hybrid. Hybrid conversion kits, which will enable conventional cars to be converted to hybrid cars will also see a see the excise duty being cut from 10% to 5%. Going forward, such kits will thus get cheaper hence making hybrid conversions cheaper. Also, replacement batteries for EVs get cheaper as the central excise duty and the basic custom duty stands waived. Hydrogen powered vehicles also will get a straight 10% waiver on the excise duty front. With these measures, the Indian government hopes that more fuel saving and environment friendly hybrid vehicles will be sold and manufactured in India.

Farmers’ role key in making India developed nation: Rajnath


Gives tips to improve conditions of farmers during BJPKM’s national executive meeting

Raipur, February 26, 2011

Farmers will play key role in making India a developed nation. For this, the progeny of farmers must continue their inherited profession instead of selecting any other discipline. This will help the agriculture sector to resume its glorious period. The inputs pertaining to farmers’ contribution in making the nation a global leader was given by former Union Agriculture Minister and BJP’s ex-national president Rajnath Singh while he was speaking on his party’s national agenda – kisan aur Krishi 2025 during the inaugural session of Bharatiya Janata Party Kisan Morcha’s (BJPKM) two-day national executive meeting that commenced in the state capital at Pujari Park (Dhamtari road) from Saturday.
“The farmers remained neglected after independence due to which our country is still graded among developing nations,” Singh said.
Hailing the morcha’s national president Omprakash Dhankad for conceiving a conference on farmers and their benefit, Singh said the morcha should also organise such meetings at block and district levels to gain public trust, especially farmers.
Slamming the Union government for neglecting the poor and wrongly portraying the country’s economy, Singh said all the claims made by the Centre and economists that India has come above poverty line were baseless. “Even presently, over 80 percent of the country’s population belongs to impoverished class and the ramification of terrorism and naxalism is due to increasing income gap between rich and poor,” he said.
He indicated that although the rest of world opposed India’s nuclear tests in 1998, the US President Barack Obama during his maiden visit to the country had to admit that it had developed into superpower.
To improve the conditions of the farmers, he said the Centre should take initiative in reducing the investment cost in cultivation. “Since the small farmers lack capital the Centre should provide them farm loans at cheap rate of interest that should not exceed 3 percent,” Singh said pointing that the BJP-ruled states had adopted this format to reduce the burden from farmers and open avenues for their progress.
He promised that if the BJP would get mandate to make government at Centre then it would advice the Prime Minister to provide loans to the farmers at zero percent rate of interest.
He advocated conferring of awards like Padmvibhushan to farmers and agriculture scientists to encourage them. “Such awards are usually given to the outstanding performers in different disciplines but agriculture should also be incorporated as prominent sector,” Singh said. He demanded from the Centre to announce farming as national profession.
The BJPKM national president Omprakash Dhankad suggested that the Centre should make agriculture budget instead of rail budget. “Over 60 percent of the country’s population depends on agriculture sector hence it should get equal importance,” he said.
He further suggested that the Centre should purchase crops from the farmers at higher rate. “The crops with Rs 1200 per quintal investment should be purchased at the rate of Rs 1800 per quintal and only then the farmers conditions would be improved,” he said.
Taking a dig at the Centre, he said it had launched several schemes for 26 percent labourers of the country but had completely neglected the 60 percent farmers.
At inaugural session, Singh was accompanied former Union Minister Shahnawaz Hussein, morcha’s national incharge Satpal Malik, BJP national general secretary and Chhattisgarh incharge Jagat Prakash Nadda, BJP state president Ramsewak Paikra, PWD Minister Brijmohan Agrawal, Health Minister Amar Agrawal, Agriculture Minister Chandrashekhar Sahu, Urban Administration Minister Rajesh Munat, Panchayat and Rural Development Minister Ramvichar Netam, etc.



Political parties, different organisations criticise state budget

Raipur, February 26, 2011

No relief to common man
CPI(M)Slamming the state government for preparing anti-people budget, the Communist Party of India (Marxist) said the government had made no provision to bring relief to the common man who is already burdened with price rise. “The government waived of tax on materials related to fasting and puja while did not give relaxation on essential foodgrains that indicates its communal face and resoluteness to encourage its political ideology across the state,” said the CPI(M) secretary Dharmraj Mahapatra. “The government could have curtailed tax on petroleum products but it rather reduced tax on sale of old cars from 5 percent to 1 percent. This displays BJP government’s pro-capitalist attitude. The government also neglected unemployed youths and did not show any ray of hope for job opportunities in the state,” he said.

It is a hopeless budget: CRKS
The Chhattisgarh Rajya Karmachari Sangh (CRKS) has termed the budget as hopeless. “We were expecting that the state government will implement the recommendations of DN Tiwari committee on ten percent dearness allowance (DA) and salary discrepancies of the employees,” said the CRKS state president Mahendra Jain, general secretary Virendra Namdeo and other office-bearers of the Sangh. The CRKS will stage statewide dharna with these to demands on March 17, 2011, they said.

No provision for poor, widows & disabled: NCP
The Nationalist Congress Party (NCP) said that the Chief Minister Raman Singh has not made any provision for impoverished class, disabled and widows who have to toil hard for subsistence.


RSU to derecognise colleges that increased M Ed seat sans permission

Raipur, February 26, 2011

Pt Ravishankar Shukla University (RSU) will derecognise those colleges affiliated with it that have violated varsity’s Statute No 27 had increased M Ed seats without permission. The decision was taken the RSU’s Executive Council (EC) during its meeting on Saturday.
The EC said before taking decision to derecognise such colleges, the varsity administration would shot notices on them to clarify. These colleges should explain in detail whether they took decision to increase ten seats in M Ed course by obtaining permission from the state government or the varsity administration, said the Council members.
If the colleges would not give satisfactory reply then the varsity will impose fine on them to the tune of Rs 5000 per student and invalidate their affiliation for academic session 2010-11.
However, these institutes would only be allowed to commence admission process in M Ed courses in next academic session (2011-12) when the varsity’s team would conduct inspection and recommend the RSU administration to provide temporary affiliation to them.
The EC also approved the names of 128 examination centres for the RSU’s main exams i.e. BA, B Com, B Sc, MA, M Com, M Sc, B Ed, M Ed and B P Ed in this for academic session 2010-11.
On transfers of teaching and non-teaching staffers on deputation, the EC felt that the RSU should frame comprehensive rules on deputation. The decision was taken after the Council was informed about Dr DK Pandey, lecturer in Commerce department at Government Art and Commerce College Kohka-Nevra, Raipur who has been appointed on deputation in the RSU as dean students’ welfare from February 4, 2011.
The EC also approved varsity administration’s decision to issue PhDs to 27 students from December 12, 2010 to January 31, 2011 (under notification 1964 to 1990).
The Council also nodded for announcement of the pending result of the student Dashrathi Sahu who had appeared in B Ed exams in academic session 2007-08.

BJPKM’s two-day national executive begins today


Raipur, February 25, 2011

The two-day national executive meeting of Bharatiya Janata Party Kisan Morcha (BJPKM), i.e. Akhil Bharatiya Kisan Vichar Shivir will begin in the state capital at Pujari Park (Dhamtari road) from Saturday. The two-day meeting will be prominently focused on discussions over pathetic conditions of farmers across the country and initiatives taken by the Centre to bring relief for them, informed Ishwarchandra Hosmani, morcha’s national general secretary while interacting with the media persons at Ekatma Parisar on Friday.
“The morcha will also prepare a list of demands to mount pressure on the Union government to improve the agriculture sector by inducting reformatory measures and to launch different schemes for the farmers,” he said.
The BJPKM members will further give their opinion on morcha’s vision document – ‘kisan aur Krishi in Bharat’, he informed.
In the meeting, a comprehensive report will be presented on the conditions responsible for suicidal cases of farmers in Maharashtra and Andhra Pradesh.
“The major victims of Centre’s anti-farmer policies were cotton growers of Maharashtra’s Vidharbha region. About 5000 farmers committed suicide in this region from 2005 to 2009. Similarly, about 1313 farmers committed suicide in Andhra Pradesh from 2005 to 2007,” Hosmani informed.
“It is very unfortunate that the state government and the Union government failed to prevent it. Our national leaders will provide guidance in this convention,” said Hosmani.
Taking a dig at the centre for posing indifference towards farmers, he said “The increasing inflation has burdened the farmers with agriculture loans and now they find this sector less remunerative than others.”
When indicated that the Chhattisgarh government was giving preference to the industrialists instead of farmers and not only selling multi-crop lands to the power plants but also giving irrigation water to the industries in spite of BJP’s claims that it supports farmers, Hosmani said he was not aware of such development in the state and would certainly put it in the national executive to ensure that the rights of the farmers are not trespassed.
He further informed that the morcha would also demand from the Centre to announce minimum support price (MSP) of the crops before sowing of the seeds and relief packages for farmers who live in the regions where rainfall was scanty.
The chief guest of the meeting’s inaugural session would be BJP’s former national president Rajnath Singh while the Chief Minister Raman Singh brief the morcha members about the farmer-oriented schemes launched the Chhattisgarh government. The morcha’s national president Om Prakash Dhankad will chair the national executive meeting.
On February 27, 2011, the BJP national president Nitin Gadkari will speak on morcha’s role in BJP, Centre’s anti-farmer policies and BJPKM’s national agendas for farmers.
Hosmani informed that the members of national executive, office-bearers of all the states and district president and general secretaries would be attending the shivir. Besides, the morcha’s state incharges have also been invited to attend the shivir.
The meeting will start with registration for which all the delegates have been informed to reach the shivir venue by 1 pm on February 26, he said.
The shivir will conclude on February 27 followed by a conference of Chhattisgarh farmers organised by the morcha. Hosmani has urged all the invited delegates to attend the conference after morcha’s national executive meeting.


Centre deceived Chhattisgarh again in rail budget: BJP

Raipur, February 25, 2011

Terming the rail budget presented by Union Railway Minister Mamta Banerjee on Friday as the weakest budget, the BJP slammed the Centre for deceiving Chhattisgarh again by not fulfilling its demands regarding commencement of new trains and rail projects.
“It is an ordinary rail budget that has nothing for Chhattisgarh except two trains and one project. The Centre completely neglected the South East Central Railway (SECR), the highest revenue generating railway zone in the state,” charged the state BJP president Ramsewak Paikra while commenting on the budget on Friday.
“The rail budget is symptomatic of the dismal condition of the Union government. Its larger approach is to do nothing. It has run out of ideas,” he added.
“This budget is for status quo, devoid of any vision or roadmap for the Indian Railways,” he said.
The BJP general secretary Shivratan Sharma said that the Congress-led UPA government had conspired against the BJP ruled states, especially Chhattisgarh and had kept it deprived of its deserving share in the budget.
“The Railway finances and performance are in a mess. No significant steps have been taken to strengthen the tracks and improve the security apparatus of the Indian Railways. These steps taken by the Union Railway Ministry during the NDA government had helped to turnaround the story of the Railways” he said.
“The cash surplus of the Indian Railways which was Rs 25000 crores in the financial year 2007-08 has now shrunk to just Rs 1328 crores. The Railway is depending upon extensive borrowing. The turnaround story of the Indian Railways is over. Its annual plan is proposed to be financed through gross budgetary support of Rs 20 crores, diesel cess of Rs. 1041 crores, market borrowings of Rs 20594 crores through IRFCs, and tax free bonds of Rs 10000 crores,” said the BJP district president Ashok Pandey.
“In her previous two budgets, the Railway Minister had concentrated on several non-core activities such as construction of hotels, hospitals, medical colleges, malls, sports stadium and even proposed to take over a newspaper in the West Bengal. She had proposed to start several trains. Most of these projects proved to be non-starters. Most of the proposed trains are yet to see the light of the day,” he said
The BJP demanded that a performance budget should be presented by the Centre to inform the nation as to what its performance level has been in relation to the promises made by it.
“The Railway Minister is understandably concerned about the projects in her home state, including at Singur and Nandigram. We expect her to clarify as to where the land for these projects would be made available for,” asked Bharatiya Janata Yuwa Morcha members.
They pointed the rail budget had nothing for the unemployed youths and small towns. “It is a directionless budget that does not promise any job opportunity to the youngsters,” they said.


Rail budget a big relief for common man: Cong

Raipur, February 25, 2011

Hailing the rail budget and appreciating the Railway Minister Mamta Banerjee for not increasing passenger and goods fare, the PCC said it was huge relief for common man.
“We welcome the initiatives taken by the Centre to expand rail services to remote parts of Chhattisgarh, especially to naxal-infested regions. The announcement of new rail line from Jagdalpur to Garhchirauli is the first step in this direction,” said PCC president Dhanendra Sahu, working presidents Charandas Mahant and Satyanarayan Sharma and party spokesperson Ramesh Varlyani on Friday.
They said the budget comprised packages for all sections of the society. “The Railways will construct 10000 houses under its Sukhi Grihasth Yojana to rehabilitate the poor who dwell near rail tracks, will now give facility of senior citizens to the women from 58 years of age, will allow disabled to travel in Rajdhani and Shatabdi trains and will start new special train for students after successfully operating special trains for women,” they said.


Mahaveer Thali restaurant fined Rs 10000

Raipur, February 25, 2011

The municipal’s health flying squad on Friday imposed Rs 10000 fine on Jail road-based Mahaveer Thali restaurant for not maintaining hygiene in its kitchen and creating insanitation in its ambience.
The action was taken by the zone 2 heath flying squad after it raided the restaurant on Friday on the basis of people’s complaints that food stuffs were substandard, drinking water was polluted and kitchen was unclean. The squad also found that the drain in front of the restaurant was blocked because rotten vegetables and foods were thrown in it.
The zone 2 commissioner Santosh Pandey informed that the RMC had shot notice on this restaurant on January 27, 2011 cautioning it to maintain hygiene in the kitchen and outside and provide quality food to the customers.
Mayor Kiranmayi Nayak has also ordered the zone 2 flying squad to take action against Hotel Giriraj at Jail road after she received complaints regarding insanitation and substandard food in the hotel.
On receiving similar complaints against another hotel in front of Fafadih telephone exchange, Nayak asked the civic officials to take stern action against it besides imposing heavy fine.


Union Coal Minister to arrive tomorrow

Raipur, February 25, 2011

Union Coal Minister Sriprakash Jaiswal will arrive in the state capital from Kanpur at 12:15 pm on February 27, 2011. He will first attend the meeting of South Eastern Coalfields Limited (SECL) at 1 pm in the city and then address the national conference of Bharatiya Kalchuri Jaiswal Mahasabha at 2:15 pm in Agrasen Dham. At 2:30 pm, he will reach Congress Bhawan and attend a programme organised by the DCC to felicitate five best farmers of the state to observe the 86th birth anniversary of former Chief Minister of undivided Madhya Pradesh Pt Shyama Charan Shukla. Later, he will meet the party leaders and workers and then address the media persons. At 5 pm, Jaiswal will visit Siltara-based NECO Jaiswal industry and at 6:30 he will board the special plane for New Delhi.


People protesting water tax hike: DCC
 
Raipur, February 25, 2011

The DCC has claimed that people are protesting water tax hiked by the state government. In this connection, the signature campaign launched by the DCC against the state government with its demand to roll back the hike in water tax, is receiving overwhelming response in wards, said the organisation’s president Inderchand Dhariwal. He informed that about 3600 shopkeepers participated in the DCC’s signature campaign at Banjari chowk while 2700 residents came forward to sign and express their displeasure at Tatya Para chowk

House passes Ganj Mandi project


Raipur, February 24, 2011

Finally, the RMC’s general body (GBM) has passed the significant agenda of Ganj Mandi project on Thursday. The agenda was tabled in the House for second time because the last GBM had refused to approve it as both the ruling Congress and Opposition BJP had recommended for amendment in the memorandum of understanding (MoU) between the RMC and RDA. For this, the last GBM had constituted an 11-member committee chaired by independent corporator Mrityunjay Dubey that amended 25 points in the MoU and sent it to the MiC.
However, before passing the agenda, Mayor Kiranmayi Nayak said the RMC should get authority to sanction the tender for the Ganj Mandi project and the rates should be fixed according to collector’s guidelines. She further said that the RDA should give a minimum amount to the RMC before the commencement of the project.
The project will commence only after the claims and objections of the affected businessmen would be resolved. The affected businessmen would be rehabilitated in the same place after completion of the project.
A nine-member project coordination committee (PCC) will be soon formed to monitor the Ganj Mandi project from commencement to completion. The committee will be chaired by the Mayor and co-chaired by the RDA Chairman. The members of this committee will be civic Commissioner, Authority’s CEO, one officer each from the municipal corporation and RDA, MiC members of PWD and Revenue departments and one corporator.
To maintain transparency, this committee will review the progress works of the project every month and would give necessary instructions while a joint bank account of RMC and RDA would be opened to route all transactions related to the project.
The RMC will complete the acquisition process of the Ganj Mandi spawning in about 2.5 acres land within 12 months.
The RDA will build the project in a phased manner and according to the design approved by the PCC.
The PCC will have right to hire professional agencies to publicise the project and the entire expenditure would be included in the project cost.


Water tax hike: BJP, Cong hold each other responsible

During RMC’s general body meeting

Raipur, February 24, 2011
 
Giving political hue to the decision of water tax hike, both ruling Congress and Opposition BJP on Thursday held each other responsible for deeply denting people’s pocket. The blamegame turned into a verbal war during the second day of the municipal’s general body meeting (GBM) and both the parties prolonged the debate over the issue of water tax for about two hours. Eventually the House decided that a special GBM on this issue would be called later for discussion. Later, the House passed remaining 29 out of total 35 agendas including the significant Ganj Mandi project and the Speaker Sanjay Shrivastava adjourned the proceedings sine die.
The House proceedings commenced on Thursday morning with uproar created by the BJP corporators who entered in the well protesting against the ruling party for leveling allegations against their party leaders who do not belong to the municipal corporation.
The proceedings were further stalled when the independent corporators ridiculed BJP corporators and termed them insignificant in their own party. The leader of BJP corporators Subhash Tiwari and corporator Suryakant Rathore locked in heated exchange with the independents and eventually the Speaker had to adjourn the House for ten minutes.
Later, while discussion on agenda 8, the proposal on water bylaws tabled in the House for approval, the BJP again raised the water tax issue but Mayor Kiranmayi Nayak intervened and clarified that the agenda had no links with tax hike and simply aimed to form rules pertaining to water for future reference.
Terming the agenda vague, Tiwari sought elucidation from the Mayor. He said none of the corporators could comprehend the agenda as it encompassed three different subjects and hence it should be tabled in the next GBM.
Asking reason for hike in water tax the independent corporator Anju Chandrashekhar further queried whether it was RMC’s decision or state government’s orders.
The Congress corporator Lakhwant Singh Gill said besides primary health and food, the government should also take responsibility to provide free water to the citizens and by incurring the entire expenditure, it must give grant to the RMC.
The deputy leader of BJP corporators Prafulla Vishwakarma indicated that in spite of about 1.50 lakh houses in the city, only 40000 tap connections were legal. He said the RMC should first ensure at least one lakh legal tap connections before revising water tax. He suggested that the ruling Congress could subsidise water tax to display its generous face to the Raipurians.
Holding previous elected body at RMC for not regularising tap connections, the MiC member and Congress corporator Gyanesh Sharma said the initiative should have been taken much before. “In fact, the BJP-led state government is responsible for putting extra tax burden on common people and the RMC is forced to follow its instructions,” he said.
“Not only water tax, but to put burden of hiked property tax and aggregate tax on people and now decision to bring empty plots under tax net have been conceived by the government,” he added.
Sharma offered that the municipal would not increase any tax in next four year but sought consensus over it in the House.
The independent corporator and MiC member Mrityunjay Dubey said that the decision of tax hike should be taken by the GBM, not state government. He said he was against the hike in spite of being MiC member.
Another MiC member Pramod Dubey blamed the civic officials for water tax hike and said they did on directives of state government.
The president of the municipal’s Water Works department Jaggu Singh Thakur agreed to evolve consensus over amendment in water tax hike but said the civic Commissioner Om Prakash Choudhary should first clear the cloud confusion over the issue.
On insistence of corporators to clarify whether the water tax hike was decision of the government or the RMC and whether the GBM had right to change it, Choudhary said since the information about hike had been published in government gazette according to the Act, the decision cannot be revoked or amended. However, he said the issue can be discussed by calling special GBM in which a separate proposal seeking amendment in the water tax hike could be sent to the government.
The House further passed agendas like – establishment of solar power plant through public private partnership (PPP) method in the outdoor stadium, the indoor stadium will be on the name of former mayor Balbeer Juneja and outdoor stadium will be on the name of Swami Vivekananda, construction of Rs 1.35 crore nullah from Shiv Nagar (Ring Road No 1) to Gokul Nagar, ten agendas (from agenda 13 to 23) under Basic Service to the Urban Poor (BSUP) projects and five agendas (from agenda 31 to 35) regarding upgradation of contractors’ grade.
Besides, the House also passed agenda to appoint municipal’s empanelled consultant Sandeep, Neena and Associates to prepare concept plan and stage 1 report of on proposed fully-facilitated auditorium at Telebandha.
The GBM also passed unanimously an agenda pertaining to proposed amusement park in Motibagh in about 3.10 acres. The municipal’s empanelled consultancy company - Pandey, Dua & Mathur group has prepared a brief project on amusement park. The House passed the agenda to allow the consultancy group to give presentation on the project to the Mayor, corporators and civic officials. The amusement park will comprise indoor and outdoor hi-tech entertainment facilities, commercial zone like shops, food courts and ample parking space.



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