Wednesday, July 28, 2010

कॉंग्रेस ने मांगा रमन से इस्तीफा

रायपुर।

छत्तीसगढ़ विधान सभा में विपक्षी कॉंग्रेस सदस्यों ने राजनांदगांव जिले के मानपुर इलाक़े मे हुई नक्सल वारदात के विरोध में सदन मे जमकर नारेबाज़ी करते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह से इस्तीफ़े की मांग की। उनके विरोध का आलम यह था हंगामे की वजह से अध्यक्ष धरमलाल कौशिक को दो बार सदन स्थगित करना पड़ा परंतु जब कॉंग्रेस सदस्यों ने सरकार विरोधी नारे लगाना नही छोड़ा तब उन्होनें सदन की कार्रवाई 21 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। इस तरह विधान सभा के दूसरे सत्र की शुरुआत काफ़ी हंगामेदार रही।
कॉंग्रेस ने विधान सभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सरकार को नक्सल मुद्दे पर घेरने की तैयारी कर ली थी जिसके तहत विपक्ष के सभी सदस्य प्रश्नकाल शुरू होते ही मुख्यमंत्री के इस्तीफ़े की मांग करने लगे। विस अध्यक्ष ने विपक्ष से आग्रह किया कि सदन की कार्रवाई मे बाधा न डालें परंतु कॉंग्रेस के वरिष्ठ नेता नंद कुमार पटेल ने कहा कि सरकार प्रदेश मे नक्सलियों पर काबू पाने मे विफल रही है जिसकी वजह से आतंकियों ने राजनांदगांव मे बेखौफ़ खून की होली खेली है और इस तरह की घटनाओं के पूर्ण ज़िम्मेदार हैं। मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को अपने पद से स्वयं ही नैतिकता के नाते इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
पटेल की बात समाप्त होते कॉंग्रेस के अन्य सदस्य उग्र रूप से एक स्वर मे मुख्यमंत्री से इस्तीफ़ा मांगने लगे और सरकार विरोधी नारों से लैस पोस्टर लहराने लगे। अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों को शांत करने का प्रयास करते हुए चेतावनी दी कि सदन मे पोस्टर लहराना बंद करें क्योंकि यह संसदीय गरिमा के प्रतिकूल है परंतु कॉंग्रेसजनों मे उनकी इस आपत्ति का कोई प्रभाव नही पड़ा। संसदीय कार्यमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी विपक्ष को समझाने का नाकाम प्रयास किया। नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत ने भी सरकार की तरफ से मोर्चा संभालते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया और कहा कि जब जनता ने नकार दिया तो शहीदों पर राजनीति करने लगे। अंत मे मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है परन्तु कॉंग्रेस सदस्यों ने उनकी बात अनसुनी कर दी और अपनी मांग पर अड़े रहे।
इससे पहले सदन की शुरुआत दिवंगतों की श्रद्धांजलि से हुई जिसमे विधान सभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने मुख्य रूप से राजनांदगाँव जिले के नक्सल हिंसा मे शहीद एसपी विनोद कुमार चौबे व अन्य जवानों के शौर्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नेता प्रतिपक्ष रवीन्द्र चौबे ने प्रदेश मे बढ़ती नक्सल हिंसा पर चिंता जाहिर की और कहा कि अब तो विपक्ष का काम केवल मृतकों की गणना करने का रह गया है।

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